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बीजेपी महाराष्ट्र में अगले 2-3 महीनों में सरकार बनाएगी, केंद्रीय मंत्री रावसाहब दानवे का दावा -आज की बड़ी ख़बरें

केंद्रीय मंत्री रावसाहब दानवे कहा है कि बीजेपी महाराष्ट्र में अगले दो-तीन महीनों में सरकार बना लेगी.

लाइव कवरेज

  1. बीजेपी अगले 2-3 महीनों में महाराष्ट्र में सरकार बना लेगी: केंद्रीय मंत्री

    केंद्रीय मंत्री रावसाहब दानवे ने कहा है कि बीजेपी महाराष्ट्र में अगले 2-3 महीनों में अपनी सरकार बना लेगी.

    उन्होंने ट्वीट कर यह दावा किया.

    उन्होंने कहा कि इसके लिए पार्टी ने तैयारी कर ली है.

    महाराष्ट्र में इस समय शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेसी की गठबंधन सरकार है.

    विधानसभा चुनाव शिवसेना और बीजेपी ने मिल कर लड़ा था और दोनों के गठबंधन को बहुमत भी मिल गया था. लेकिन मुख्यमंत्री कौन बनेगा इसको लेकर शिवसेना और बीजेपी में बात नहीं बन सकी और फिर महीनों तक चले राजनीतिक रस्साकशी के बाद शिवसेना ने एनसीपी और कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार बना ली.

    उसके बाद से ही इस तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं कि बीजेपी महाराष्ट्र में अपनी सरकार बनाने की पूरी कोशिश करेगी.

    लेकिन ऐसा पहली बार हुआ है कि किसी मंत्री ने इस तरह का कोई बयान दिया हो.

    दानवे जालना से सांसद हैं और मोदी मंत्रिमंडल में उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण राज्यमंत्री हैं.

  2. केरल में अभी नहीं लागू होगा ‘विवादास्पद’ पुलिस अधिनियम संशोधन

    केरल में विवादास्पद पुलिस अधिनियम संशोधन क़ानून फ़िलहाल लागू नहीं होगा. लगातार हो रहे विरोध के बीच केरल सरकार ने यह फ़ैसला लिया है.

    केरल के मुख्यमंत्री पिनारई विजयन ने इस फ़ैसले को लेकर कहा है कि, “संशोधन की घोषणा के बाद अलग-अलग धड़ों से अलग-अलग तरह के विचार आए हैं. उन लोगों ने भी चिंता जताई है जिन्होंने वाम जनतांत्रिक मोर्चे का समर्थन किया है और जो लोकतंत्र की रक्षा के लिए खड़े रहे हैं. ऐसी स्थिति में क़ानून में संशोधन लाने का इरादा नहीं है.”

    उन्होंने आगे कहा कि, "विधानसभा में विस्तार से इस पर चर्चा की जाएगी और फिर आगे इस संबंध में सभी दलों के विचार सुनने के बाद क़दम उठाए जाएंगे.”

    केरल सरकार के पुलिस अधिनियम में मौजूदा संशोधन के प्रस्ताव का विपक्ष बड़े पैमाने पर विरोध कर रहा है. विपक्ष का कहना है कि इस क़ानून का इस्तेमाल सरकार अभिव्यक्ति की आज़ादी छीनने, आलोचनाओं को चुप कराने और मीडिया को निशाना बनाने के लिए कर सकती है.

    हालांकि मुख्यमंत्री पिनारई विजयन ने कहा है कि इस क़ानून का इस्तेमाल किसी भी तरह से अभिव्यक्ति की आज़ादी को छीनने या निष्पक्ष पत्रकारिता को दबाने में नहीं किया जाएगा.

    इस अध्यादेश में सोशल मीडिया के दुरुपयोग को रोकने की बात कही गई है. इसमें सोशल मीडिया या किसी अन्य माध्यम से आपत्तिजनक साम्रगियों को फैलाने वालों को तीन साल की सज़ा या फिर दस हज़ार का जुर्माना या फिर दोनों सज़ाएँ एक साथ देने की बात कही गई है.

    इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने इस तरह के आईटी एक्ट की धारा 66A और केरल पुलिस एक्ट की धारा 118 (d) को निरस्त कर दिया था.

  3. ऑक्सफ़ोर्ड की कोरोना वैक्सीन 70 फ़ीसद तक असरदार

    ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी की ओर से विकसित किए गए कोरोना वैक्सीन को 70 फ़ीसद तक असरदार पाया गया है. बड़े पैमाने पर किए गए ट्रायल के आधार पर यह नतीजा निकला है.

    इसे एक अहम कामयाबी माना जा रहा है. हालांकि दवा कंपनियों फ़ाइज़र और मॉडर्ना की वैक्सीन 95 फ़ीसद तक असरदायी बताई गई है. बीबीसी विज्ञान संवाददाता जेम्स गैलघर के मुताबिक़ ऑक्सफ़ोर्ड के द्वारा तैयार की गई वैक्सीन अधिक सस्ती है और इसे स्टोर करके रखना भी ज़्यादा आसान है. इसे फाइज़र और माडर्ना की वैक्सीन की तुलना में ज़्यादा आसानी से दुनिया के हर कोने में पुहँचाया जा सकता है.

    इस वैक्सीन को लेकर इस तरह के आंकड़े भी सामने आए है जो ये बताते हैं कि अगर इसकी पर्याप्त ख़ुराक दी जाए तो यह 90 फ़ीसद तक भी प्रभावी हो सकते हैं. पर्याप्त ख़ुराक से यहाँ मतलब है कि अगर एक महीने के अंतराल में एक फ़ुल डोज़ के बाद अगर हाफ़ डोज़ दिया जाए तो यह 90 फ़ीसद का असरकारक हो सकता है.

    ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी के साथ मिलकर इस वैक्सीन को AstraZeneca ड्रग कंपनी ने तैयार की है. ब्रिटेन की सरकार ने दस करोड़ वैक्सीन का प्री-ऑर्डर दे दिया है. इससे क़रीब पाँच करोड़ लोगों को कोरोना से इम्युनाइज़ किया जा सकेगा.

  4. कोरोना संक्रमण पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा, गुजरात में हालात बेकाबू हो रहे हैं

    देश में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के मद्देनज़र सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को केंद्र सरकार और दिल्ली, महाराष्ट्र, गुजरात और असम की राज्य सरकारों से जवाब दाखिल करने को कहा है कि वे महामारी पर रोकथाम के लिए क्या कदम उठा रहे हैं.

    सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली और गुजरात जैसी जगहों पर संक्रमण के बढ़ते मामलों को लेकर चिंता जाहिर की. कोर्ट ने कहा कि गुजरात में हालात बेकाबू होते जा रहे हैं.

    जस्टिस अशोक भूषण की अगुवाई वाली बेंच ने दिल्ली सरकार के वकील एडिश्नल सॉलिसिटर संजय जैन से कहा, "दिल्ली में हालात बिगड़ रहे हैं, ख़ासकर नवंबर के महीने में. आप एक स्टेटस रिपोर्ट फ़ाइल करके बताएं कि क्या कदम उठाये गए हैं."

    मामले की सुनवाई के दौरान सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने इस बात पर सहमति जताई कि दिल्ली में बहुत कुछ किए जाने की ज़रूरत है.

    सुप्रीम कोर्ट इस मामले में कोरोना संक्रमण से मरने वाले लोगों के शवों के सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार के मुद्दे पर स्वतः संज्ञान लेते हुए सुनवाई कर रहा है. मामले की अगली तारीख शुक्रवार को तय की गई है

  5. बाइडन 58 साल के ब्लिंकन को बना सकते हैं विदेश मंत्री: NYT

    अमेरिकी अख़बार न्यूयार्क टाइम्स के अनुसार नव-निर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन 58 साल के एंटनी ब्लिंकन को विदेश मंत्री बना सकते हैं. जब बराक ओबामा राष्ट्रपति थे और बाइडन उपराष्ट्रपति तब ब्लिंकन उप-विदेश मंत्री थे. ब्लिंकन तब तत्कालीन विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन के जूनियर थे.

    ब्लिंकन वैश्विक गठबंधनों की वकालत करते रहे हैं और वो बाइडन को विदेश नीति के मामलों में सलाह देने वालों में सबसे क़रीबी रहे हैं. ब्लिंकन अगर विदेश मंत्री बनते हैं तो उनके सामने अमेरिका को कई वैश्विक चुनौतियों से निकालने की ज़िम्मेदारी होगी.

    ट्रंप की विदेश नीति बाक़ी के अमेरिका प्रशासकों से बिल्कुल अलग रही है. राष्ट्रपति ट्रंप ने अपनी विदेश नीति में वैश्विक गठबंधनों से अमेरिका को लगातार अलग किया है. ट्रंप ने इसी नीति को अमेरिका फ़र्स्ट का नाम दिया था. हालाँकि इसी नीति के कारण चीन को विश्व मंच पर उभरने का मौक़ा मिलने की बात कही जाती है.

    इसके अलवा बाइडन जैक सुलिवन को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बना सकते हैं. एनवाईटी की रिपोर्ट के अनुसार 43 साल के जैक भी बाइडन के क़रीबी रहे हैं.

    ब्लिंकन और जैक दोनों दोस्त हैं और दोनों का दुनिया को देखने का नज़रिया बाइडन की तरह ही है. दोनों ट्रंप की अमेरिका फ़र्स्ट नीति के आलोचक रहे हैं. इनका मानना रहा है कि ट्रंप की इस नीति से अमेरिका अलग-थलग हुआ है और एक क़िस्म का ख़ालीपन पैदा हुआ जिससे चीन को मौक़ा मिला.

    कहा जा रहा है कि ट्रंप हार स्वीकार करें या नहीं बाइडन अपने मंत्रियों के नामों की घोषणा करेंगे. दूसरी तरफ़ ट्रंप सत्ता सौंपने के लिए अभी तैयार नहीं दिख रहे हैं. हालाँकि अब रिपब्लिकन पार्टी के भीतर से ही ट्रंप पर हार स्वीकार करने का दबाव बढ़ता जा रहा है.

  6. हामिद अंसारी के इस बयान पर क्यों मचा हंगामा?

    देश के पूर्व उप-राष्ट्रपति हामिद अंसारी के कुछ बयानों से दक्षिणपंथी रुझान रखने वाले वर्ग में थोड़ी नाराज़गी है.

    दरअसल, एक वर्चुअल कार्यक्रम में शुक्रवार को हामिद अंसारी ने कहा था कि "कोरोना महामारी संकट से पहले ही भारतीय समाज दो अन्य महामारियों- 'धार्मिक कट्टरता' और 'आक्रामक राष्ट्रवाद' का शिकार हो चुका था."

    इसी में जोड़ते हुए अंसारी ने यह भी कहा था कि "इन दोनों के मुक़ाबले 'देश प्रेम' ज़्यादा सकारात्मक अवधारणा है क्योंकि यह सैन्य और सांस्कृतिक रूप से रक्षात्मक है."

    उनका यह बयान एक ख़ास वर्ग को ख़राब लगा है. इसे लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा हो रही है.

    लोग लिख रहे हैं कि 'भारत के कुछ सबसे बड़े पदों पर रह चुके हामिद अंसारी की राष्ट्रवाद के बारे में यह सोच अशोभनीय है.'

  7. कोरोना वैक्सीन जनता तक पहुंचाने का प्लान क्या है?

    केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन ने उम्मीद जताई है कि 2021 के शुरुआती 2-3 महीनों में वैक्सीन मिलनी शुरू हो जाएगी.

    उन्होंने साथ ही कहा कि 'अगस्त-सितंबर तक हम 30 करोड़ लोगों को वैक्सीन देने की स्थिति में होंगे.'

    यानी भारत में कोरोना वैक्सीन के लिए अब सरकार ने उलटी गिनती शुरू कर दी है.

    इससे पहले अमेरिकी कंपनी मॉडर्ना के वैक्सीन ट्रायल के शुरुआती नतीजों के बाद दावा किया था कि कोविड-19 महामारी के ख़िलाफ़ सुरक्षा देने वाली नई वैक्सीन 95 फ़ीसदी तक कामयाब है.

    कुछ दिन पहले ही दवा कंपनी फ़ाइज़र ने अपनी वैक्सीन के 90 फ़ीसदी लोगों पर कामयाब होने की जानकारी दी थी.

  8. कांग्रेस के बारे में क्या बोले ग़ुलाम नबी आज़ाद?

    कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आज़ाद ने अपनी पार्टी के प्रदर्शन पर टिप्पणी की है.

    उन्होंने कहा कि पिछले 72 साल में कांग्रेस अपने सबसे निचले स्तर पर है.

    इसके बावजूद वो लद्दाख हिल काउंसिल चुनावों में नौ सीट जीतने में कामयाब रही.

  9. जम्मू और कश्मीर में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर मिली सुरंग, क्या कहा बीएसएफ़ ने?

    जम्मू और कश्मीर के सांबा सेक्टर में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर एक सुरंग मिली है.

    इसे सीमा सुरक्षा बल और जम्मू और कश्मीर पुलिस के संयुक्त अभियान में खोजा गया.

    बीएसएफ़ के आईजी (जम्मू और कश्मीर) एन एस जमवाल का कहना है कि ऐसा लगता है कि नगरोटा एनकाउंटर केस में शामिल चरमपंथियों ने इसका इस्तेमाल किया है.

  10. इमरान ख़ान ने PDM को दी संपूर्ण लॉकडाउन की चेतावनी

    पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने रविवार को कहा कि अगर विपक्षी पार्टियों ने अपना विरोध प्रदर्शन नहीं रोका तो उनकी सरकार पूरी तरह से लॉकडाउन लागू कर देगी. इमरान ख़ान ने कहा कि विपक्ष रैली का आयोजन तब कर रहा है जब पाकिस्तान कोविड 19 के संक्रमण से जूझ रहा है. पिछले 24 घंटों में पाकिस्तान में कोरोना के सबसे ज़्यादा 2,665 नए मामले सामने आए हैं और 59 लोगों की मौत दर्ज की गई है.

    ट्विटर पर पाकिस्तानी पीएम ने लिखा है, ‘’कोविड 19 के बढ़ते मामलों के बीच अगर विपक्ष का पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट जारी रहता है तो पूरी ज़िम्मेदारी उनकी होगी. ऐसे में हम पूरी तरह से लॉकडाउन लागू करने पर मजबूर होंगे और इसके लिए पीडीएम ज़िम्मेदार होगा.’’

    इमरान ख़ान ने कहा कि पूरी दुनिया कोविड 19 की दूसरी लहर का सामना कर रही है और फिर से लॉकडाउन लगाया जा रहा है. पाकिस्तानी पीएम ने कहा कि वो नहीं चाहते कि पाकिस्तान में फिर से लॉकडाउन लगाया जाए क्योंकि इससे अर्थव्यवस्था और बुरी तरह से प्रभावित होगी. इमरान ख़ान ने कहा कि विपक्षी पार्टियां लोगों की ज़िंदगी और रोज़गार से खेल रही हैं.

    दूसरी तरफ़ पीडीएम ने पाकिस्तान की इमरान ख़ान सरकार पर हमला बोलते हुए कहा है कि पीटीआई एक कठपुतली सरकार है और उसे सत्ता से बेदख़ल होना पड़ेगा. पीडीएम ने कहा कि जो सरकार अभी सत्ता में है उसे बहुमत नहीं मिला था बल्कि उसने बहुमत चोरी कर सरकार बनाई है.

    पीडीएम की रैलियों में भारी भीड़ी जुटी है. पाकिस्तान की दोनों विपक्षी पार्टियां आसिफ़ अली ज़रदारी की पाकिस्तान पीपल्स पार्टी और नवाज़ शरीफ़ की मुस्लिम लीग पीडीएम की रैली में शामिल है. पीपीपी के चेयरमैन बिलावल भूट्टो ने कहा है कि इमरान ख़ान को अगले साल जनवरी में सत्ता से बेदख़ल होना पड़ेगा.

  11. आर्मीनिया और अज़रबैजान: ये लोग अपने ही घरों को आग क्यों लगा रहे हैं?

    आर्मीनिया और अज़रबैजान के बीच लड़ाई की वजह से बहुत से लोग बेघर हुए हैं.

    कई दशकों से आर्मीनियाई नियंत्रण वाले एक इलाके़ को अब लोग छोड़कर जा रहे हैं.

    इसे कुछ दिनों बाद अज़रबैजान को सौंप दिया जाएगा. अपना घर छोड़ते वक़्त इन लोगों की हालत कैसी है, देखिए ये रिपोर्ट.

  12. अमेरिका में रहने वाले भारतीयों ने मनाया छठ पूजा का पर्व

    अमेरिका में रहने वाले भारतीयों ने भी छठ पूजा का पर्व मनाया.

    न्यू जर्सी की मनालापन लेक के किनारे चार दिनों तक चलने वाला छठ पर्व मनाया गया.

    बिहार-झारखंड एसोसिएशन ऑफ़ नॉर्थ अमेरिका (BJANA) ने इसका आयोजन किया.

  13. तमिलनाडु: कुएं में गिरी हथिनी को बाहर निकालने में लगे 14 घंटे

    तमिलनाडु में एक हथिनी कुएं में गिर गई. लेकिन जल्द ही उसे बचाने के लिए लोग वहां पहुंच गए.

    16.7 मीटर गहरे कुंए से पंप के ज़रिए पानी निकालने के बाद बचाव दल के लोगों ने किसी तरह हथिनी को बेहोश किया.

    क़रीब 14 घंटे तक चले बचाव अभियान में हथिनी को क्रेन की मदद से बाहर निकाला गया.

  14. फ्रांस के मुसलमानों पर बयान देकर फँसीं इमरान ख़ान की मंत्री

    पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान की मंत्री शिरीन मज़ारी ने एक फ़र्ज़ी ख़बर पर फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की तुलना नाज़ियों से की है जिसके बाद उनकी काफ़ी किरकिरी हो रही है.

    शिरीन मज़ारी पाकिस्तान की मानवाधिकार मामलों की मंत्री हैं.

    मज़ारी ने ट्वीट कर कहा था कि राष्ट्रपति मैक्रों मुसलमानों के साथ वैसा ही व्यवहार कर रहे हैं जैसा दूसरे विश्व युद्ध में यहूदियों के साथ किया गया था.

    हालांकि बाद में मज़ारी ने अपना ट्वीट डिलीट कर दिया.

    पाकिस्तान में कुछ ऑनलाइन लेखों में दावा किया गया था कि मैक्रों की सरकार फ़्रांस में नए बिल के तहत मुस्लिम बच्चों के लिए पहचान नंबर जारी करेगी.

  15. रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने बताया वो क्यों नहीं दे रहे जो बाइडन को बधाई

    रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बताया है कि उन्होंने अमेरिका के नव-निर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन को जीत की बधाई क्यों नहीं दी है.

    व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि वो क़ानूनी लड़ाई के फ़ैसले आने तक इंतज़ार करेंगे तभी बाइडन को बधाई देंगे.

    रूसी टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में पुतिन ने कहा कि औपचारिक बधाई देने में देरी से रूस और अमेरिका के रिश्तों पर कोई असर नहीं पड़ेगा.

    हालांकि दोनों देशों के बीच के संबंधों में पहले से ही तनाव रहा है.

    लेकिन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप हमेशा से पुतिन की तारीफ़ करते रहे हैं और उन पर राष्ट्रपति बनने में रूस से मदद लेने का भी आरोप है.

  16. इसराइल के बाद सऊदी अरब भी बाइडन के आने से आशंकित

    सऊदी अरब के विदेश मंत्री ने शनिवार को कहा है कि उन्हें डेमोक्रेटिक पार्टी के जो बाइडन से उम्मीद है कि उनके नेतृत्व में अमेरिकी प्रशासन इस इलाक़े की शांति और स्थिरता के लिए काम करेगा. उन्होंने किसी भी बातचीत में भरपूर सहयोग की भी उम्मीद जताई.

    जी-20 की बैठक में सऊदी के विदेश मंत्री प्रिंस फ़ैसल बिन फ़रहान ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स से कहा कि वो जो बाइडन को लेकर भी आश्वस्त हैं. प्रिंस फ़ैसल ने कहा कि अमेरिका और सऊदी के बीच पिछले 75 सालों से मज़बूत रक्षा सहयोग है.

    फ़ैसल ने कहा कि यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों को विदेशी आतंकवादी घोषित किया जाना अमेरिका का बिल्कुल सही क़दम था. फ़ैसल ने कहा, ‘’सबको पता है कि ईरान यमन में हूती विद्रोहियों को मदद पहुंचा रहा है.

    बाइडन के आने के बाद से ईरान को लेकर सऊदी अरब और इसराइल डरे हुए हैं कि कहीं परमाणु क़रार फिर से बहाल न कर दिया जाए. ट्रंप ने ईरान के साथ 2015 के परमाणु क़रार को ख़त्म कर दिया था. अगर बाइडन परमाणु समझौता फिर से बहाल करते हैं तो ईरान से आर्थिक प्रतिबंध हट जाएंगे. ट्रंप के आने के बाद अमेरिका की नीतियां इसराइल और सऊदी अरब की तरफ़दारी वाली रही है.

    बाइडन के आने के बाद से सऊदी अरब लॉबीइंग कर रहा है कि बाइडन ईरान को लेकर ट्रंप की नीति पर ही चलें. शिया मुस्लिम बहुल देश ईरान को सुन्नी मुस्लिम बहुल सऊदी अरब अपना प्रतिद्वंद्वी मानता है. सऊदी अरब और इसराइल को लगता है कि ईरान परमाणु हथियार बनाने में लगा हुआ है और अगर ऐसा कर लेता है तो यह क्षेत्रीय स्थिरता और शांति के लिए ख़तरनाक होगा.

    सऊदी मूल के वॉशिंगटन पोस्ट के पत्रकार जमाल ख़ाशोज्जी की तुर्की में हत्या को लेकर भी ट्रंप प्रशासन ने कोई सख़्त क़दम नहीं उठाया था. इस हत्या की लेकर उंगली क्राउन प्रिंस सलमान पर उठी थी. लेकिन ट्रंप प्रशासन ने कोई सख़्ती नहीं बरती थी. ऐसे में सऊदी अरब की आशंका है कि कहीं बाइडन की नीतियां ईरान को लेकर उदार न हो जाए.

  17. आज भारत में कोरोना के 44 हज़ार नए केस

    भारत में बीते 24 घंटों में करीब आठ लाख 50 हज़ार कोरोना टेस्ट किए गए. अब तक कोरोना से ठीक हुए लोगों की संख्या 85 लाख 62 हज़ार से ज़्यादा.

  18. इसराइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू का जो बाइडन को लेकर दिखा डर

    इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू का अमेरिका के नव-निर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन को लेकर डर दिखने लगा है. रविवार को इसराइली पीएम ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के साथ 2015 में हुए जिस परमाणु क़रार को ख़त्म किया था उसको फिर से बहाल नहीं करना चाहिए.

    बाइडन की जीत के बाद कहा जा रहा है कि वो ईरान से साथ हुए परमाणु क़रार को बहाल कर सकते हैं. यह परमाणु क़रार 2015 में बराक ओबामा के कार्यकाल में हुआ था और तब जो बाइडन उपराष्ट्रपति थे. ज़ाहिर है कि इस क़रार को लेकर बाइडन की भी सहमति थी.

    बाइडन 20 जनवरी को अमेरिका की कमान संभालेंगे. बाइडन ने कहा था कि अगर ईरान यूरेनियम संवर्धन की कड़ी पाबंदियों को मानता है और सहयोगियों के साथ काम करने के लिए तैयार होता है तो परमाणु क़रार बहाल किया जा सकता है.

    इस क़रार के तहत दुनिया के कई शक्तिशाली देश ईरान के परमाणु कार्यक्रम को सीमित करने की शर्त पर सहमत हुए थे. इसके बदले में ईरान को आर्थिक प्रतिबंधों से छूट मिली थी.

    लेकिन ट्रंप ने सत्ता में आने के बाद ईरान के साथ इस डील को ख़त्म कर दिया था. ट्रंप का कहना था कि ईरान ने न तो बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम रोका और न ही इराक़, लेबनान, सीरिया और यमन में विद्रोहियों को समर्थन देना बंद किया है.

    इसराइली पीएम ने रविवार को कहा कि ईरान के साथ परमाणु क़रार पर नहीं लौटना चाहिए. नेतन्याहू ने कहा कि ईरान को लेकर सख़्त रहना चाहिए ताकि वो परमाणु हथियार न बना पाए.

    हालांकि इसराइली पीएम ने बाइडन का नाम नहीं लिया लेकिन हर कोई यही समझ रहा है कि नेतन्याहू बाइडन के आने के बाद परमाणु कार्यक्रम को लेकर आशंकित हैं.

    2015 में जब ये क़रार हुआ था तो नेतन्याहू ने बहुत ही मुखर होकर विरोध किया था. उन्होंने इसे बहुत ही ख़राब समझौता कहा था.

  19. भारत-पाकिस्तान बॉर्डर पर 150 मीटर लंबी सुरंग मिली- प्रेस रिव्यू

    जम्मू के सांबा सेक्टर में अंतरराष्ट्रीय सीमा के नीचे सुरक्षा बलों को रविवार को एक सुरंग मिली है.

    अंग्रेज़ी अख़बारद हिंदूने जम्मू पुलिस के डीजीपी के हवाले से लिखा है कि इसका इस्तेमाल भारत में उन चरमपंथियों को भेजने के लिए किया गया था जो नागरोटा में गुरुवार को मारे गए थे.

    इस ऑपरेशन में बीएसएफ़ भी पुलिस के साथ थी. बीएसएफ़ के मुताबिक यह सुरंग 150 मीटर लंबी और तीन फ़ीट चौड़ी है.

    जम्मू के पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह ने अख़बार को बताया, "हम जैश के उन आतंकवादियों के भारत में घुसने के रास्ते को जानने के लिए उत्सुक थे. हमने तकनीकी विवरण समेत सभी सूचनाओं को एक साथ रखा. वो सभी उनके पसंदीदा सांबा सेक्टर की ओर इशारा करते हैं. काफी मशक्कत के बाद पुलिस और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ़) ने साथ मिल कर एनकाउंटर के केवल 76 घंटे बाद ही सुरंग ढूंढ निकाली. यह पाकिस्तान के चकबुरा पोस्ट से शुरू होती है."

    डीजीपी दिलबाग सिंह ने यह भी कहा कि 18 नवंबर की रात को भारत में आए चार घुसपैठियों ने इसका ही इस्तेमाल किया था.

  20. मध्य प्रदेश में गौकल्याण टैक्स लगा सकती है शिवराज सरकार

    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की सरकार ने रविवार को कहा कि वो राज्य में गायों के कल्याण के लिए जनता पर एक छोटी सी रकम टैक्स के रूप में लगाने पर विचार कर रही है.

    आगर मालवा ज़िले के सलारिया गौ अभ्यारण्य में गोपाष्टमी के दिन रविवार को एक जनसभा में कहा, "हम अपने भोजन का एक हिस्सा खुद खाने से पहले गायों और कुत्तों के लिए रखा करते थे. अब इस परंपरा का पालन केवल अपवादस्वरूप ही होता है. इसलिए मैं गौशालाओं में रहने वाली गायों की भलाई के लिए जनता पर एक छोटी सी रकम टैक्स के रूप में लगाने के बारे में सोच रहा हूं."

    उन्होंने ये भी घोषणा की कि राज्य के आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों को गाय का दूध दिया जाएगा.

    शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मध्य प्रदेश की सरकार राज्य में तकरीबन दो हज़ार नई गौशालाओं का निर्माण कराएगी और इनमें से कुछ का संचालन ग़ैरसरकारी संगठनों को भी सौंपा जाएगा.