ईडी यदि मेरे घर आई तो मैं उनका स्वागत करूंगा: नवाब मलिक

एनसीपी के वरिष्ठ नेता और और राज्य के अल्पसंख्यक विकास और वक़्फ़ मामलों के मंत्री नवाब मलिक ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया है कि जब से वो मंत्री बने हैं तब से वक़्फ़ बोर्ड में सफाई अभियान चला रहे हैं.

लाइव कवरेज

पवन सिंह अतुल, मानसी दाश and चंदन शर्मा

  1. धन्यवाद! बीबीसी हिंदी के इस लाइव पेज से जुड़ने के लिए आपका शुक्रिया. यह पेज अब यहीं बंद हो रहा है. 12 नवंबर के अपडेट्स के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं.

  2. ईडी यदि मेरे घर आई तो मैं उनका स्वागत करूंगा: नवाब मलिक

    नवाब मलिक

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    महाराष्ट्र के वक़्फ़ बोर्ड ज़मीन घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) गुरुवार को पुणे की सात जगहों पर छापेमारी की.

    इस बारे में एनसीपी के वरिष्ठ नेता और और राज्य के अल्पसंख्यक विकास और वक़्फ़ मामलों के मंत्री नवाब मलिक ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि अफ़वाहें फैलाई गईं कि वक़्फ़ बोर्ड के कार्यालय पर छापेमारी हुई, जो कि ग़लत है.

    उन्होंने कहा कि वक़्फ़ बोर्ड पर नहीं बल्कि एक चैरिटी संस्था पर छापेमारी हुई है.

    इस मसले पर बुलाए गए एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने बताया कि टीवी के जरिए मेरे पास जो ख़बरें आई वो ये कि सात जगहों, दफ़्तरों या घरों पर ईडी के छापे पड़े. उनके अनुसार, ये कार्रवाई पुणे के एक ट्रस्ट 'ताबूत ईनाम एंडोमेंट ट्रस्ट तालुका मुर्शी पुणे जिला' पर हो रही है.

    नवाब मलिक ने दावा किया कि वो जब से मंत्री बने हैं तब से वक़्फ़ बोर्ड में सफाई अभियान चला रहे हैं.

    उन्होंने मीडिया की आलोचना करते हुए कहा कि न्यूज़ चैनलों ने ख़बरें चलाईं कि ईडी नवाब मलिक के घर तक पहुंच जाएगी. इस पर मलिक ने कहा कि जब ईडी मेरे घर आएगी तो हम उनका स्वागत करेंगे.

    नवाब मलिक

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    मेरे ख़िलाफ़ अफ़वाहें फैलाई जा रही हैं

    उन्होंने आरोप लगाया कि मेरे ख़िलाफ़ अफ़वाहें फैलाईं जा रही हैं, लेकिन इससे वो डरने वाले नहीं हैं.

    उन्होंने कहा कि जब से वो वक़्फ़ बोर्ड के मंत्री बने हैं तब से इस संस्था में सफ़ाई अभियान शुरू किया गया है. इस अभियान में सरकारी अधिकारी भी नापे जा रहे हैं और बोर्ड के कुछ पुराने सदस्य भी नपेंगे. बोर्ड का काम पूरे पारदर्शी तरीक़े से हो, ये मेरी कोशिश है.

    नवाब मलिक ने कहा कि मैं ईडी से अनुरोध करता हूं कि राज्य में बोर्ड के तहत पंजीकृत सभी 30 हजार संस्थाओं की जांच करें. हमारे इस सफ़ाई अभियान में ईडी का सहयोग मिल रहा है, इसका हम स्वागत करते हैं.

    इसके अलावा उन्होंने उत्तर प्रदेश जैसे राज्य में वक़्फ़ बोर्ड और उसके कामकाज की जांच कराने की भी मांग की है.

    वक़्फ़ बोर्ड की दशा सुधारने के लिए कई फ़ैसले लिए

    नवाब मलिक ने दावा किया कि बोर्ड के पहले का कामकाज और उसकी दशा बेहद ख़राब थी. उनके अनुसार, पहले सात-सात महीनों तक बोर्ड की कोई बैठक तक नहीं होती थी. कोई चेयरमैन होता था और उसके मातहत अफ़सर क्या काम करते थे, इसका पता तक नहीं चलता था. कोई एनओसी जारी हो गई तो कह देते थे कि बोगस एनओसी है.

    उन्होंने बताया कि उनके मंत्री बनने के बाद बोर्ड के पूरे कामकाज को ऑनलाइन तरीक़े से चलाने का फ़ैसला लिया गया. और राज्य के आईटी विभाग को वक़्फ़ बोर्ड से संबंधित सभी कामकाज को ऑनलाइन निपटाने के लिए पोर्टल बनाने को कहा गया. इसके लिए धन का आवंटन कर दिया गया है. पुराने सभी दस्तावेज़ों को स्कैन करके उसे डिजिटाइज किया जाएगा.

    ईडी ने पुणे वक़्फ़ बोर्ड के ख़िलाफ़ ऐसे वक़्त में ये छापेमारी की जब क्रूज़ ड्रग्स केस को लेकर नवाब मलिक राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस समेत भाजपा के कई नेताओं पर लगातार हमले कर रहे हैं.

  3. COP26: अमेरिका और चीन ने किया सहयोग बढ़ाने का एलान

    COP26

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    पर्यावरण के लिए काम करने वाले कार्यकर्ताओं और नेताओं ने अमेरिका-चीन के आपसी सहयोग बढ़ाने की अप्रत्याशित घोषणा का सावधानी के साथ स्वागत किया है.

    इससे पहले दुनिया के दो सबसे बड़े CO2 उत्सर्जक, अमेरिका और चीन ने बुधवार को एलान किया कि 2015 के पेरिस समझौते के अनुरूप तापमान वृद्धि को 1.5 डिग्री तक सीमि​त करने के लक्ष्य को पाने के लिए वे दोनों आपस में मिलकर काम करेंगे.

    ये एलान स्कॉटलैंड के ग्लासगो में जलवायु परिवर्तन पर चल रहे सीओपी26 सम्मेलन के दौरान हुआ. ये सम्मेलन शुक्रवार को ख़त्म हो जाएगा.

    यूरोपीय संघ और संयुक्त राष्ट्र ने इस फ़ैसले को उत्साहजनक और अहम कदम बताया है. हालांकि पर्यावरण के लिए काम करने वाले संगठन ग्रीनपीस ने कहा कि दोनों देशों को और अधिक प्रतिबद्ध होने की ज़रूरत है.

    वैज्ञानिकों का कहना है कि दुनिया की तापमान वृद्धि को 1.5 डिग्री तक सीमित करने से जलवायु के सबसे ख़राब प्रभावों से मानवता को बचाने में मदद मिलेगी. ये तय हुआ है कि तापमान को औद्योगिकीकरण के पहले के तापमान से 1.5 डिग्री से अधिक न बढ़ने दिया जाए.

    उम्मीद है कि अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन और चीन के उनके समकक्ष शी जिनपिंग अगले हफ़्ते तक वर्चुअल मीटिंग में हिस्सा लेंगे. जलवायु पर चीन के दूत के अनुसार, पिछले 10 महीनों में लगभग 30 बैठकों के बाद इस घोषणा पर सहमति बनी.

    वैसे ये ख़बर सामने आने के बाद पूरी दुनिया से आई प्रतिक्रियाएं काफी सकारात्मक रही है. लेकिन जानकारों और कार्यकर्ताओं ने चेताया है कि इन वादों को पूरा करने के ​लिए ठोस काम करने की ज़रूरत है.

  4. बीबीसी हिंदी का डिजिटल बुलेटिन 'दिनभर', 11 नवंबर 2021, सुनिए वात्सल्य राय से

  5. ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीत कर पाकिस्तान को पहले बल्लेबाज़ी के लिए उतारा

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    आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप के दूसरे सेमीफ़ाइनल में ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीत कर पाकिस्तान को पहले बैटिंग के लिए उतारा है.

    पाकिस्तान ने अपनी टीम में कोई बदलाव नहीं किए हैं. पाकिस्तान के कप्तान बाबर आज़म ने कहा कि “हम अच्छा स्कोर खड़ा करने की कोशिश करेंगे. हम यूएई में खेलते रहे हैं लिहाजा यहां के कंडीशन से अच्छी तरह परिचित हैं.”

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    वहीं ऑस्ट्रेलिया ने भी टीम में कोई बदलाव नहीं किया है. टॉस जीतने के बाद ऑस्ट्रेलियाई कप्तान एरोन फिंच ने कहा “विकेट अच्छी दिख रही है, मुझे नहीं लगता कि ये अलग व्यवहार करेगी.”

  6. पंजाब असेंबली में भिड़े अकाली और कांग्रेस, सिद्धू और मजीठिया में तीखी नोकझोंक

    चरणजीत सिंह चन्नी

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    तीन खेती कानूनों और पंजाब में BSF के अधिकार क्षेत्र को बढ़ाने पर चर्चा के लिए बुलाए गए पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान कांग्रेस और अकाली दल के बीच तीख़ी नोकझोंक हुई है.

    एक समय तो ऐसा लगा कि सदन के भीतर सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी और अकाली दल के बीच हालात बेकाबू होते जा रहे हैं.

    सदन ने खेती कानूनों और बीएसएफ़ के अधिकार क्षेत्र के विरोध में प्रस्ताव पारित किए हैं. और केंद्र से दोनों मुद्दों पर पीछे हटने को कहा है.

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    अकाली दल का विरोध

    सदन में बहस के आख़िर में सीएम चरणजीत सिंह चन्नी ने अपने भाषण में अकालियों पर तीख़ी हमला बोला और कई चुभते सवाल किए. जिसके बाद अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया और चन्नी में तीखी नोकझोंक हुई.

    चन्नी ने आरएसएस को "पंजाब का दुश्मन" और अकाली दल को "पंजाब की गद्दार पार्टी" बताया.

    इसके जवाब में अकाली दल ने ट्वीट कर कहा कि पंजाब के लोग जानते हैं कि असली गद्दार कौन है.

    चन्नी ने मजीठिया पर सीधे-सीधे भ्रष्टाचार और स्मगलिंग के आरोप लगाए. उन्होने कहा, "मैं बताता हूँ आप क्या चाहते हैं. आप चाहते हैं कि नशा आता जाए और मजीठिया के नाम से बिकता जाए."

    इन आरोपों पर मजीठिया और अकाली विधायकों ने सख़्त ऐतराज़ जताया. अकाली विधायक सदन में स्पीकर के आसन के पास पहुंच गए. इसके बाद कांग्रेस और अकाली विधायकों में जमकर बहसबाज़ी हुई

    इस बीच मजीठिया और सिद्धू में भी नोकझोंक हुई.

    सीएम के भाषण के दौरान चार बार सदन को स्थगित करना पड़ा. डिप्टी स्पीकर अजायब सिंह भट्टी ने अकाली और कांग्रेस के विधायकों के साथ अलग-अलग मीटिंग की

    उधर सिद्धू ने आरोप लगाया कि अकाली जानबूझ कर सदन की कार्यवाही को छेड़ रहे हैं ताकि खेती कानूनों पर उनकी विफलता छिपी रहे.

  7. बेलारूस-पोलैंड सीमा संकट में किसी भी भूमिका से रूस का इनकार

    प्रवासी संकट

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    रूस ने कहा है कि बेलारूस और पोलैंड की सीमा पर पैदा हुए प्रवासी संकट में रूस की कोई भूमिका नहीं है. रूस ने कहा है कि वो इस समस्या को हल करने में मदद करने की कोशिश कर रहा है.

    बर्फ जमा देने वाली कड़ाके की सर्दी में, यूरोपीय संघ के देश पोलैंड में प्रवेश करने का प्रयास करते हुए बेलारूस से लगती उसकी सीमा पर हज़ारों प्रवासी फंसे हुए हैं.

    इस मुद्दे पर पोलैंड ने बेलारूस पर आरोप लगाया है कि वो रूस के समर्थन से 'अराजकता' फैला रहा है.

    न्यूज़ एजेंसी इंटरफ़ैक्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने गुरुवार को मॉस्को में पत्रकारों से कहा, "बेलारूस और पोलैंड के बीच सीमा पर जो कुछ हो रहा है, उससे रूस का कोई लेना-देना नहीं है."

    उन्होंने कहा, "दूसरे देशों की तरह रूस इस विवाद को हल करने की कोशिशों में जुटा है."

    पेसकोव ने बताया कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बेलारूस के नेता अलेक्जेंडर लुकाशेंको और जर्मन चांसलर एंगेला मर्केल के साथ इस संकट पर चर्चा की थी.

    रूसी सरकार के प्रवक्ता ने कहा, "राष्ट्रपति बेलारूस के अपने समकक्ष के साथ लगातार संपर्क में हैं. और कल यानी 10 नवंबर को राष्ट्रपति की जर्मनी के कार्यवाहक चांसलर के साथ भी टेलीफोन पर बातचीत हुई थी. सीमा के ताज़ा हालात इस चर्चा के मुख्य विषय थे."

    हालांकि उन्होंने ये पूछे जाने पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया कि क्या पुतिन, मर्केल के अनुरोध पर कोई कार्रवाई करेंगे.

  8. पाकिस्तान: अफ़ग़ानिस्तान से बात करे दुनिया वरना एक और रिफ़्यूजी संकट आ सकता है

    आमिर ख़ान मुत्ताकी

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    अफ़ग़ानिस्तान के मुद्दे पर पाकिस्तान में हो रही बैठक में पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने कहा कि अफ़ग़ानिस्तान मुद्दे पर अंतराराष्ट्रीय समुदाय को बातचीत करनी चाहिए.

    इस्लामाबाद में हो रही इस बैठक में पाक विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी ने कहा है कि अफ़ग़ानिस्तान एकजुट हो कर शांति, स्थायित्व और विकास की तरफ बढ़े यही इस बैठक में शामिल मुल्कों की इच्छा है.

    'ट्रॉएका प्लस' नाम से जानी जा रही है इस तीन दिवसीय बैठक में चीन, रूस और पाकिस्तान के प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं. इस बैठक में हिस्सा लेने के लिए तालिबान सरकार के कार्यवाहक विदेश मंत्री आमिर ख़ान मोत्तक़ी भी एक प्रतिनिधिमंडल के साथ आए हैं.

    पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी ने इस बैठक के दौरान कहा, "हमारा मानना है कि तालिबान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान और मान्यता चाहता है और इसलिए चर्चा चाहता है. इसलिए ये महत्वपूर्ण है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय अतीत में की गई भूल न दोहराए और सकारात्मक तरीके से बातचीत करे."

    क़ुरैशी ने कहा है कि अफ़ग़ानिस्तान के आर्थिक पतन और गृहयुद्ध की आशंकाओं को रोकने के लिए ये ज़रूरी है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस देश से सकारात्मक जुड़ाव कायम करे.

    उन्होंने कहा, "सभी चाहते हैं कि अफ़ग़ानिस्तान के अंदर सक्रिय चरमपंथी तत्वों से प्रभावी ढंग से निपटें और देश में पैदा होने वाले एक नए शरणार्थी संकट को रोका जाए."

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    इससे पहले अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा था कि अफ़ग़ानिस्तान के लिए अमेरिका के विशेष दूत थॉमस वेस्ट इस सप्ताह तालिबान के विदेश मंत्री और चीन और रूस के राजदूतों के मुलाक़ात करने के लिए पाकिस्तान पहुंचेंगे.

    नाम न ज़ाहिर करने की शर्त पर पाकिस्तान के एक सरकारी अधिकारी ने समाचार एजेंसी एए़फ़पी से कहा कि इसमें तालिबान की तरफ से उसके नए विदेश मंत्री आमिर ख़ान मुत्ताकी शामिल होने वाले हैं.

    पाकिस्तानी अधिकारी ने बताया, "बैठक का मूल मुद्दा अफ़ग़ानिस्तान में मानवीय संकट को हल करने के रास्ता तलाशना और वहां एक समावेशी सरकार बनाने की संभावना तलाशना है."

    हालांकि जो तस्वीरें पाक विदेश मंत्री ने ट्वीट की हैं उनमें आमिर ख़ान मुत्ताकी नहीं दिख रहे हैं.

    चीन और रूस ने भी अफ़ग़ानिस्तान के लिए अपने दूतों को बैठक में शामिल होने के लिए भेजने की बात की थी.

    अपनी प्रेस ब्रीफ़िंग में चीनी विदेश मंत्री वांग वेन्बिन ने कहा था, "चीन अफ़ग़ानिस्तान में शांति को बढ़ावा देने और स्थायित्व की सभी अंतरराष्ट्रीय कोशिशों का समर्थन करता है और चाहता है कि इस पर सभी एकमत हों."

    थॉमस वेस्ट ने कहा था कि वो भारत दौरे के दौरान बुधवार को यहां अफ़ग़ानिस्तान के मुद्दे पर होने वाली क्षेत्रीय सुरक्षा सम्मेलन में शिरकत नहीं करेंगे.

    पाकिस्तान और चीन ने इस बैठक में आने से माना कर दिया था. इस बैठक में रूस, ईरान, उज्बेकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान और ताजिकिस्तान के प्रतिनिधि शामिल हुए थे.

    • ये भी पढ़ें-अफ़ग़ानिस्तान पर भारत और पाकिस्तान एक साथ क्यों हैं सक्रिय?
  9. एलन मस्क ने टेस्ला के 1.1 अरब डॉलर के अपने शेयर बेचे

    एलन मस्क

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    इलेक्ट्रिक कार बनाने वाली कंपनी टेस्ला के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एलन मस्क ने कंपनी के अपने क़रीब 1.1 अरब डॉलर के शेयर बेच दिए हैं.

    कुछ दिन पहले मस्क ने सोशल मीडिया में अपने लाखों फॉलोअर्स से पूछा था कि क्या उन्हें टेस्ला कंपनी के 10 फीसदी स्टॉक्स बेच देने चाहिए.

    उनके इस सवाल के जवाब में अधिकांश लोगों ने हां कहा था. इसके बाद कंपनी के शेयरों में दो दिनों के भीतर 16 फ़ीसदी की गिरावट दर्ज की गई, फिर बुधवार को ही शेयरों की स्थिति थोड़ी संभली.

    टेस्ला दुनिया का सबसे अधिक मूल्य का कारनिर्माता है. स्टॉक मार्केट में कंपनी का वैल्यूएशन क़रीब एक ट्रिलियन डॉलर है.

    अमेरिकी स्टॉक मार्केट नियामक के दस्तावेज़ों के अनुसार मस्क ने कंपनी के 930,000 शेयर बेचे हैं कंपनी में उनकी हिस्सेदारी का क़रीब 0.5 प्रतिशत है.

    दस्तावेज़ों से पता चलता है कि शेयर बेचने को लेकर मस्क के सोशल मीडिया पोस्ट करने से काफी पहले सितंबर से ही इस योजना पर काम हो रहा था.

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    कुछ दिनों पहले एलन मस्क ने ट्विटर पर अपने फॉलोअर्स से पूछा, "टैक्स चुकाने के लिए क्या मैं टेस्ला के अपने शेयर का 10 फ़ीसदी बेच दूं."

    ट्विटर पोल के बारे में उन्होंने लिखा, "जो भी लोग कहेंगे मैं वो मानूंगा."

    इस पोल में उन्हें 35 लाख वोट मिले जिसमें से 58 फ़ीसदी लोगों ने कहा कि उन्हें अपने शेयर बेच देने चाहिए.

    मस्क ने ये भी कहा था कि उन्हें टेस्ला से कैश में पैसा नहीं मिलता. उन्होंने कहा, "मेरे पास केवल कंपनी के स्टॉक हैं और इसलिए मेरे लिए टैक्स चुकाने का यही एकमात्र रास्ता है कि मैं अपने शेयर बेच दूं."

    इससे पहले मस्क ने साल 2016 में अपने शेयर बेचे थे. उस वक्त 60 करोड़ डॉलर का आयकर भरने के लिए उन्होंने अपने शेयर बेचे थे.

    अभी भी उनके पास कंपनी के 1.7 करोड़ शेयर हैं और उनकी निजी संपत्ति का मूल्य 280 अरब डॉलर से अधिक है.

  10. अब अमृता फडणनीस ने भेजा नवाब मलिक को लीगल नोटिस, क्या है नोटिस में?

    अमृता फडणवीस

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    नवाब मलिक के दामाद समीर ख़ान ने बुधवार को महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को एक लीगल नोटिस भेजा था. जिसके बाद अब देवेंद्र फडणवीस की पत्नी अमृता फडणवीस ने नवाब मलिक को एक लीगल नोटिस भेजा है.

    लीगल नोटिस में लिखा है कि नवाब मलिक ने ट्वीटर के ज़रिए उनके परिवार की इमेज को दाग़दार किया है.

    अमृता फडनणीस ने अपने नोटिस में लिखा, "अगले 48 घंटे के भीतर एक प्रेसवार्ता करके, बिना शर्त माफ़ी मांगिए और ये कहिए कि लगाए गए आरोप आधारहीन हैं."

    अपने लीगल नोटिस में फडणवीस ने नवाब मलिक के ट्वीट के स्क्रीनशॉट भी लगाए हैं.

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    समीर ख़ान का लीगल नोटिस

    बुधवार को नवाब मलिक के दामाद समीर ख़ान ने देवेंद्र फडणवीस को नोटिस भेजा था. नवाब मलिक और उनकी बेटी निलोफर मलिक ने इस लीगल नोटिस की प्रति आज ट्विटर पर शेयर की थी.

    इसके मुताबिक, फडणवीस ने समीर खान पर ड्रग्स रखने का आरोप लगाया, जबकि मामले की जांच अभी जारी है और एनसीबी को उनके घर से ड्रग्स की बरामदगी नहीं हुई थी. एनसीबी द्वारा दायर की गई चार्जशीट में कुछ भी ऐसा नहीं जो फडणवीस के एक भी दावे की पुष्टि करे.

    नोटिस में देवेंद्र फडणवीस से 15 दिनों के भीतर माफ़ी मांगने को कहा गया.

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    दोनों के बीच बयानबाज़ी

    नवाब मलिक और देवेंद्र फडणवीस के बीच पिछले कुछ दिनों से आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है. नवाब मलिक फडणवीस पर सोशल मीडिया के सहारे और प्रेसवार्ता करके कई गंभीर आरोप लगा चुके हैं.

    नवाब मलिक ने एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा था, "महाराष्ट्र में जब देवेंद्र फडणवीस मुख्यमंत्री थे तब उनकी पत्नी ने 'चल-चल मुंबई' नाम से एक रिवर सॉन्ग बनाया था. उसमें सोनू निगम और देवेंद्र फडणवीस की पत्नी ने गाना गाया था. उसमें देवेंद्र फडणवीस और वित्त मंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने भी अभिनय किया था."

    मलिक के आरोपों पर फडणवीस ने भी प्रेसवार्ता करके जवाब दिया था.

    इसके बाद देवेंद्र फडणवीस ने आरोप लगाया था कि नवाब मलिक और उनके परिवार के लोगों ने 1993 के मुंबई बम विस्फोट मामले के दो दोषियों के साथ ज़मीन का सौदा किया था.

    तभी से दोनों के बीच बयानबाज़ी का दौर जारी है.

  11. अपनी बर्ख़ास्तगी पर क्या कहा डॉक्टर कफ़ील ख़ान ने?

      • Author, अनंत झणाणे
      • पदनाम, लखनऊ से, बीबीसी हिंदी के लिए
    कफ़ील ख़ान

    इमेज स्रोत, ANI

    डॉ. कफ़ील ख़ान ने कहा है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने उन्हें गोरखपुर के बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज में नौकरी से बर्ख़ास्त कर दिया है. हालांकि आधिकारिक तौर पर उनकी बर्ख़ास्तगी की अभी कोई पुष्टि नहीं हुई है.

    डॉ कफ़ील ख़ान को अगस्त, 2017 में इसी अस्पताल में हुई बच्चों की मौत के एक मामले में अभियुक्त बनाया गया था. उसके बाद वे कई महीने जेल में भी रहे थे.

    डॉ. कफ़ील ख़ान ने बीबीसी हिंदी को बताया है कि अभी तक बर्ख़ास्त किए जाने की आधिकारिक सूचना नहीं मिली है पर सचिवालय से पता चला है कि उन्हें एक पत्र भेजा जा रहा है.

    उन्होंने ये भी कहा कि बर्ख़ास्तगी का आदेश मिलते ही वे इसे हाईकोर्ट में चुनौती देंगे.

    उन्होंने कहा, "मेरी नियुक्ति यूपी पब्लिक सर्विस कमीशन से हुई थी, लिहाजा सरकार मुझे सीधे बर्ख़ास्त नहीं कर सकती थी. उन्हें यूपी पब्लिक सर्विस कमीशन से अनुमति लेनी थी, मुझे बताया गया है कि वो अनुमति अब उन्होंने ले ली है."

    कफ़ील ख़ान ने यह भी दावा किया इस पूरे मामले में आठ लोगों पर आरोप लगा था, बाक़ी के सात लोगों की नौकरी पर वापसी हो चुकी है, कुछ को प्रमोशन भी मिला है और वे अकेले हैं जिन्हें बर्ख़ास्त किया जा रहा है.

    अगस्त 2017 में गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की कमी से 60 से ज्यादा बच्चों की मौत हो गई थी, जिसके बाद इस मामले में डॉ. कफ़ील खान को निलंबित कर दिया गया.

    उत्तर प्रदेश सरकार ने इस मामले में 15 अप्रैल 2019 को जांच अधिकारी की ओर से दायर जांच रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया था. इस रिपोर्ट में डॉ. कफील खान को निर्दोष पाया गया था.

    रिपोर्ट में कहा गया था कि डॉ. कफ़ील ख़ान के ख़िलाफ़ भ्रष्टाचार या लापरवाही के सबूत नहीं मिले हैं.

    यूपी सरकार के इस फ़ैसले के बाद माना जा रहा था कि डॉ. कफ़ील ख़ान को जल्द ही बहाल किया जा सकता है.

  12. बंगाल बीजेपी से पलायन जारी, विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी में आईं श्राबंती चटर्जी ने छोड़ी पार्टी

    श्राबंती चैटर्जी

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    विधानसभा चुनावों से ठीक पहले बीजेपी में शामिल हुई जानीमानी बंगाली अभिनेत्री श्राबंती चटर्जी ने ये कहते हुए पार्टी छोड़ दी है कि, "पार्टी में पश्चिम बंगाल के मुद्दों को आगे बढ़ाने के लिए पहल और ईमानदारी की कमी है."

    बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की क़रीबी मानी जाने वाले श्राबंती ने इसी साल मार्च में बीजेपी का दामन थाम लिया था. विधानसभा चुनावों में श्राबंती ने तृणमूल कांग्रेस के नेता पार्थ चटर्जी के ख़िलाफ़ चुनाव लड़ा था लेकिन 50,000 से अधिक वोटों से वो हार गई थीं.

    बीजेपी के ममता बनर्जी सरकार को हराने में नाकाम रहने के बाद 34 वर्षीय श्राबंती से पार्टी से दूरी बनानी शुरू कर दी थी. एक ट्वीट में श्राबंती ने कहा कि उन्होंने बीते चुनावों में जिस बीजेपी के साथ उन्होंने चुनाव लड़ा था उसके साथ वो अपने सभी संबंध तोड़ रही हैं.

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    हालांकि बंगाल बीजेपी ने श्राबंती चटर्जी के फ़ैसले को कोई अहमियत न देते हुए कहा है कि "इससे पार्टी को कोई फर्क नहीं पड़ेगा."

    बीजेपी के प्रदेश पार्टी प्रमुख सुकांत मजूमदार ने कहा है, "मुझे वाकई में ये नहीं पता कि वो चुनाव के बाद पार्टी के साथ थीं या नहीं. उनके जाने का पार्टी पर कोई असर नहीं पड़ेगा."

    वहीं बीजेपी नेता तथागत राय ने उनके जाने के फ़ैसले को 'छुटकारा' मिलना कहा है.

    तथागत राय पहले भी वफ़ादार और भरोसेमंद पार्टी कार्यकर्ताओं की जगह चुनावों में सिनेमा जगत और बिना राजनीतिक पृष्ठभूमि वाले लोगों को टिकट देने के लिए पार्टी की आलोचना करते रहे हैं.

    विधानसभा चुनावों में बीजेपी की हार के बाद से पार्टी में शामिल हुए कई अभिनेता और नेता या तो पार्टी छोड़ चुके हैं या फिर पार्टी से दूरी बना रहे हैं.

  13. कासगंज: हिरासत में संदिग्ध मौत पर गरमाई सियासत, विपक्ष ने उठाए कई सवाल

    अल्ताफ़

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    उत्तर प्रदेश के कासगंज में हिरासत में हुई संदिग्ध मौत के मामले में कांग्रेस का दस सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल गुरुवार को वहां जाएगा.

    कांग्रेस से सोशल मीडिया पर एक बयान जारी कर कहा है कि ये प्रतिनिधिमंडल घटना की सच्चाई जानने के लिए कासगंज जा रहा है.

    प्रतिनिधिमंडल में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद, विवेक बंसल और तौकीर आलम शामिल होंगे.

    प्रतिनिधिमंडल के सदस्य वहां मृत अल्ताफ़ के परिजनों से मुलाक़ात करेंगे और साथ ही स्थानीय प्रशासन और से मुलाक़ात कर जानकारी इकट्ठा करेंगे और बाद में घटना का पूरा ब्योरा उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमिटी को दिया जाएगा.

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    इधर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने गुरुवार को कस्टडी में युवक की मौत की घटना को 'शर्मनाक' कहा है और घटना की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है.

    उन्होंने दोषियों के लिए सख़्त सज़ा के साथ-साथ पीड़ित परिवार की मदद की भी मांग की है.

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    इससे पहले विपक्षी समाजवादी पार्टी ने भी इस मामले में न्यायिक जांच की मांग की थी.

    प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने कहा था कि इस मामले में पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया जाना "सिर्फ़ दिखावटी कार्रवाई है."

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    क्या है पूरा मामला?

    कासगंज के एक पुलिस थाने में मंगलवार को 22 साल के मुसलमान युवक अल्ताफ़ की लाश संदिग्ध परिस्थितियों में मिली थी.

    पुलिस का कहना था कि एक नाबालिग़ लड़की के लापता होने के मामले में पूछताछ के लिए अल्ताफ़ को थाने बुलाया गया था. बाद में उसने थाना परिसर में बने शौचालय में आत्महत्या कर ली थी.

    हालांकि अल्ताफ़ के परिजनों ने पुलिस पर अल्ताफ़ को पीट-पीट कर हत्या करने का आरोप लगाया है.

    अब तक इस मामले में ग़ैर-ज़िम्मेदारी के लिए पांच पुलिसकर्मियों को स्सपेंड किया गया है.

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  14. लखनऊ: संविदाकर्मी के साथ छेड़छाड़ का वीडियो वायरल, सेक्शन इंचार्ज गिरफ़्तार

      • Author, अनंत झणाणे
      • पदनाम, लखनऊ से, बीबीसी हिंदी के लिए
    महिलाओं से छेड़छाड़

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    लखनऊ के बापू भवन में संविदा पर तैनात एक महिला कर्मी से छेड़छाड़ करने वाले वीडियो के सामने आने पर एक अधिकारी को जेल भेज दिया गया है.

    बताया जा रहा है कि अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में तैनात संविदाकर्मी ने अपने साथ होने वाले छेड़छाड़ से तंग आकर इच्छाराम यादव का स्टिंग ऑपरेशन किया था.

    वायरल हुए वीडियो में इच्छाराम महिला के क़रीब आने की कोशिश कर रहा है और उसे गले लगाने की कोशिश करते साफ़ दिख रहा है.

    वीडियो में देखा जा सकता है कि महिला अपने मेज़ पर बैठ कर काम करने की कोशिश कर रही है और इच्छाराम यादव उनके साथ छेड़छाड़ करने की कोशिशें करते रहे.

    लखनऊ पुलिस को 29 अक्टूबर को एक शिकायत मिली थी जिसमें एक महिला संविदा कर्मी ने लखनऊ स्थित बापू भवन के अल्पसंख्यक विभाग में तैनात अनुसचिव इच्छाराम यादव के ख़िलाफ़ अश्लील हरकतें करने और यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगाया गया था.

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    इच्छाराम यादव सेक्शन इंचार्ज के पद पर कार्यरत हैं.

    मामले की जानकारी देते हुए लखनऊ सेंट्रल की डीसीपी ख्याति गर्ग ने बताया कि "उसी शिकायत के आधार पर आईपीसी की धरा 354, 394 506 के तहत मुक़दमा दर्ज किया गया और इच्छाराम यादव को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है."

    पीड़ित महिला 2013 से विभाग में संविदाकर्मी हैं और कंप्यूटर ऑपरेटर का काम करती आयी है. महिला का आरोप है कि 2018 से ही इच्छाराम यादव उन्हें परेशान करता रहा था.

    उनकी शिकायत के मुताबिक़ "वह भद्दे और अश्लील कमेंट किया करते थे और विरोध करने पर नौकरी से निकलवाने की धमकी भी दिया करते थे. वह ग़लत काम करने के लिए महिला पर दबाव भी बनाते रहे."

    कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने इस घटना के बारे में ट्वीट किया है.

    उन्होंने लिखा, "सचिवालय हो, सड़क हो या और कोई स्थान: उप्र में महिला असुरक्षित है। सरकार के "महिला सुरक्षा" के दावे की असलियत यही है."

  15. नवाब मलिक के दामाद ने फडणवीस को भेजा लीगल नोटिस, 15 दिन में माफ़ी मांगने को कहा

    नवाब मलिक

    इमेज स्रोत, ANI

    महाराष्ट्र सरकार में मंत्री राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता नवाब मलिक के दामाद समीर ख़ान ने बीजेपी नेता और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को लीगल नोटिस भेजा है.

    इसके बारे में जानकारी देते हुए नवाब मलिक ने कहा, “देवेंद्र फडणवीस ने मेरे दामाद पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके पास से ड्रग्स मिली थी. आज मेरी बेटी ने देवेंद्र फडणवीस को नोटिस भेजा है और मांग की है कि आप माफ़ी मांगें. अगर वे माफ़ी नहीं मांगते हैं तो मेरी बेटी द्वारा उनके ख़िलाफ़ मानहानि का दावा किया जाएगा.”

    नवाब मलिक और उनकी बेटी निलोफर मलिक ने इस लीगल नोटिस की तस्वीर ट्विटर पर शेयर की है.

    इसके मुताबिक, फडणवीस ने समीर खान पर ड्रग्स रखने का आरोप लगाया, जबकि मामले की जांच अभी जारी है और एनसीबी को उनके घर से ड्रग्स की बरामदगी नहीं हुई थी. एनसीबी द्वारा दायर की गई चार्जशीट में कुछ भी ऐसा नहीं जो फडणवीस के एक भी दावे की पुष्टि करे.

    निलोफ़र ख़ान ने लिखा है कि झूठे आरोपों से ज़िंदगियां बर्बाद हो जाती हैं

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    नोटिस में देवेंद्र फडणवीस से 15 दिनों के भीतर माफ़ी मांगने को कहा गया

    नवाब मलिक और देवेंद्र फडणवीस के बीच पिछले कुछ दिनों से आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है. नवाब मलिक फडणवीस पर सोशल मीडिया के सहारे और प्रेसवार्ता करके कई गंभीर आरोप लगा चुके हैं.

    नवाब मलिक ने एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा था, "महाराष्ट्र में जब देवेंद्र फडणवीस मुख्यमंत्री थे तब उनकी पत्नी ने 'चल-चल मुंबई' नाम से एक रिवर सॉन्ग बनाया था. उसमें सोनू निगम और देवेंद्र फडणवीस की पत्नी ने गाना गाया था. उसमें देवेंद्र फडणवीस और वित्त मंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने भी अभिनय किया था."

    मलिक के आरोपों पर फडणवीस ने भी प्रेसवार्ता करके जवाब दिया था.

    इसके बाद देवेंद्र फडणवीस ने आरोप लगाया था कि नवाब मलिक और उनके परिवार के लोगों ने 1993 के मुंबई बम विस्फोट मामले के दो दोषियों के साथ ज़मीन का सौदा किया था.

    तभी से दोनों के बीच बयानबाज़ी का दौर जारी है.

  16. कोरोना वायरस
  17. ईरान की धमकी- प्रतिबंध हटाए जाएँ तभी करेंगे समझौते पर हस्ताक्षर

      • Author, मैट मैक्ग्रा
      • पदनाम, बीबीसी पर्यावरण संवाददाता
    अली सालेजेगा

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    इमेज कैप्शन, ग्लासगो में हो रहे जलवायु सम्मेलन में ईरान के वरिष्ठ नेता अली सालेजेगा

    ईरान के एक वरिष्ठ नेता ने बीबीसी से कहा है कि उस पर लगे सभी प्रतिबंध हटाने की शर्त पर ही वो पेरिस जलवायु समझौते पर हस्ताक्षर करेगा.

    अली सालेजेगा ने कहा कि प्रतिबंधों के कारण सतत उर्जा समेत दूसरे क्षेत्रों में ईरान का विकास बाधित हो रहा है.

    ईरान दुनिया का आठवां सबसे बड़ा कार्बन उत्सर्जक है लेकिन वो उन चंद मुल्कों में से एक है जिसने अब तक पेरिस जलवायु समझौते पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं.

    हाल के सालों में ईरान में सतत उर्जा के क्षेत्र में विदेशी निवेश में भारी कमी आई है जिसके बाद यहां उत्सर्जन बढ़ा है. यहां पानी की तंगी को लेकर हुए विरोध प्रदर्शनों को भी सरकार ने हिंसक तरीके से ख़त्म किया है.

    देश के राष्ट्रपति इब्राहीम राईसी ग्लासगो में हो रहे जलवायु सम्मेलन में शामिल नहीं हुए हैं लेकिन देश का एक प्रतिनिधिमंडल सम्मेलन के लिए पहुंचा है और टीम ने यहां आर्थिक प्रतिबंधों में राहत दिए जाने की अपील की है.

    अली सालेजेगा ने कहा, "दुनिया के बाकी सभी देशों की तरह ईरान पर भी जलवायु परिवर्तन का असर पड़ा है. देश में होने वाली सालाना बारिश कम हो गई है और नदियों में आने वाला पानी 40 फीसदी तक कम हुआ है. इसके कारण खेती और उद्योग तो प्रभावित हुए ही हैं, साथ ही पानी के पानी की भी कमी देखने को मिल रही है."

    हालांकि ईरान पर अपनी पानी की सप्लाई को खुद ही नुक़सान पहुंचाने का आरोप लगाया जाता है. बताया जाता है कि देश में लाखों कुएं खोदे गए हैं और कम से कम 700 बांध बनाए गए हैं.

    कच्चे तेल का उत्पादन

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    पेरिस जलवायु समझौते पर सालेजेगा ने कहा कि कोई भी समझौता "दोतरफा" होना चाहिए.

    उन्होंने कहा, "जब आप पर प्रतिबंध लगे हों तो आप दवा जैसी ज़रूरी चीज़ का आयात भी नहीं कर सकते, जो एक मूलभूत मानव अधिकार है."

    ईरान के बड़ा कार्बन उत्सर्जक होने के पीछे एक बड़ा कारण उसका कच्चे तेल का उत्पादन है.

    सालेजेगा ने बीबीसी से कहा, "अगर हम पर लगे प्रतिबंध हटाए जाएंगे तो अंतरराष्ट्रीय समुदाय के प्रति हमारी प्रतिबद्धता बढ़ेगी. ऐसे में वो ख़ास कर सतत उर्जा के क्षेत्र में हमें आधुनिक तकनीक और आर्थिक मदद कर सकेंगे जिससे हम अपनी बुनियादी ढांचे को आधुनिक बना सकेंगे."

    कच्चे तेल का उत्पादन

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    जलवायु परिवर्तन के मामले में ईरान कितना भरोसेमंद?

    इससे पहले ईरान ने कहा था कि उस पर लगे प्रतिबंध हटाए न जाएं तो भी वो कार्बन डाईऑक्साईड के उत्सर्जन में कमी लाएगा.

    लेकिन असल में यहां कार्बन प्रदूषण कम होने की बजाय बढ़ा है. जलवायु परिवर्तन पर क्लाइमेट एक्शन ट्रैकर पर ईरान को "गंभीर रूप से पीछे" के रूप में चिन्हित किया गया है.

    2015 के बाद से ईरान ने कर्बन उत्सर्जन में कमी लाने की कोई योजना पेश नहीं की है. जानकारों का कहना है कि साल 2030 तक यहां कार्बन उत्सर्जन 50 फीसदी तक बढ़ने की आशंका है.

    इस मामले में सालेजेगा ने कहा, "हमने कहा था कि अगर हमारे ऊपर लगे प्रतिबंध हटाए गए तो हम उत्सर्जन 12 फीसदी तक कम करेंगे, प्रतिबंध हटाए नहीं गए."

    उन्होंने कहा, "कच्चा तेल एक दिन ख़त्म हो जाएगा लेकिन अगर इसका इस्तेमाल इस तरह से किया जा सके कि उत्सर्जन में कमी आए तो हम इसके साथ-साथ सतत उर्जा का इस्तेमाल कर सकते हैं."

    जलवायु सम्मेलन में शामिल ईरान के नेताओं का कहना है कि वो जलवायु परिवर्तन के ख़िलाफ़ वैश्विक लड़ाई का हिस्सा नहीं बन सकते लेकिन वो चाहते हैं कि ये स्थिति बदले.

    प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे नेता ने कहा, "हम ये कहने आए हैं कि ईरान इस दुनिया का एक हिस्सा है और हम सभी एक-दूसरे की मदद कर सकते हैं. हमारे ख़िलाफ़ आर्थिक चरमपंथ हुआ है और हम पर प्रतिबंध लगाया गया है. हम कहना चाहते हैं कि ये प्रतिबंध हटाए जाएं ताकि हम दुनिया के बाकी देशों के साथ जुड़ सकें और इस बात को लेकर निश्चिंत रहे कि हम अपनी प्रतिबद्धता पूरी करेंगे."

  18. एशिया-प्रशांत में शीत युद्ध के दौर जैसी तनाव की स्थिति पैदा न हो - शी जिंनपिंग

    शी जिनपिंग

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    चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने गुरुवार को चेतावनी दी है कि एशिया-प्रशांत इलाक़े में शीत युद्ध के दौर जैसे तनाव की स्थिति पैदा नहीं होनी चाहिए.

    न्यूज़ीलैंड में हो रहे एशिया-पेसिफ़िक इकोनॉमिक कोऑपरेशन (एपेक) के सम्मेलन के दौरान हुई एक बैठक में वीडियो संदेश के ज़रिए शी जिनपिंग ने कहा भू-राजनीतिक स्तर पर इस इलाक़े को छोटे गुटों में बांटने की कोशिशें नाकाम हो जाएंगी.

    उन्होंने कहा, "एशिया प्रशांत इलाक़े में संघर्ष की स्थिति या शीत युद्ध के दौरान मतभेद के हालात नहीं बनने चाहिए."

    शी जिनपिंग ने कहा कि चीन एशिया-प्रशांत इलाक़े के आर्थिक विकास के लिए प्रतिबद्ध है और वो चाहता है कि यहां सभी मुल्कों के लिए स्थिति फायदेमंद बनी रहें.

    अपने संदेश में शी जिनपिंग ने कोरोना महामारी से बाहर निकलने और जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए सभी मुल्कों से साथ मिलकर काम करने की अपील की.

    उन्होंने कोविड वैक्सीन तक विकसित देशों की पहुंच आसान करने के बारे में बात की और कहा कि मुल्कों के बीच टीकाकरण की खाई को जल्द से जल्द ख़त्म किया जाना चाहिए.

    उन्होंने कहा, "हमें इस बात पर सहमत होना चाहिए कि वैक्सीन वैश्विक हित के लिए है और हमें सुनिश्चित करना चहिए कि ये समान रूप से सभी मुल्कों तक पहुंचे."

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    इधर गुरुवार को चीन और अमेरिका के अचानक जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए साथ मिलकर काम करने का फ़ैसला किया है.

    शी जिनपिंग ने कहा कि जलवायु परिवर्तन साझा चुनौती है जिसका सामना करने के लिए सभी देशों को साथ आने की ज़रूरत है.

    अगले सप्ताह होने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन और चीनी राष्ट्रपति शी जिंनपिंग के वर्चुअल बैठक से पहले हुए इस समझौते को बेहद अहम माना जा रहा है.

    एशिया-प्रशांत इलाक़े में ताइवान को लेकर अमेरिका और चीन के बीच बीते दिनों तनाव बढ़ा है. ताइवान की सीमा के पास चीन ने सैन्य गतिविधियां बढ़ा दी हैं.

    इसी साल अक्तूबर ताइवान की वायुसीमा में चीनी लड़ाकू उड़ानें देखी गई थीं. इस मामले में बुधवार को अमेरिकी विदेश मंत्री एंटोनी ब्लिंकन ने कहा था कि अमेरिका ये सुनिश्चित करेगा कि ताइवान अपनी रक्षा कर सके.

    ताइवान खुद को स्वशासित गणतंत्र मानता है जबकि चीन उसे अपना हिस्सा बताता है.

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    चीन दक्षिण चीन सागर के एक बड़े हिस्से को भी अपना बताता रहा है, यहां पर उनके कई कृत्रिम द्वीप भी बनाए हैं. ये हिस्सा बेहद अहम समुद्री मार्गों में से एक है हर साल इस इलाक़े से अरबों डॉलर का व्यापार होता है. इस इलाक़े के कुछ हिस्सों में ब्रूनेई, मलेशिया, फ़िलीपीन्स, ताइवान और वियतमान अपना बताते हैं.

    इस इलाक़े में चीन के बढ़ते प्रभुत्व से निपटने के लिए हाल में अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया ने एक ऑकस नाम का एक नया गठबंधन बनाया था जिसके तहत ऑस्ट्रेलिया अमेरिकी तकनीक वाली परमाणु पनडुब्बियां खरीदेगा.

    इस समझौते से चीन तो नाराज़ हुआ ही थी फ्रांस ने भी इस पर कड़ी आपत्ति जताई थी. फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैंक्रों ने इसे 'पीठ में छुरा घोंपने जैसा' कहा था.

    ऑस्ट्रेलिया फ्रांस से पनडुब्बियां खरीदने वाला था, लेकिन इस समझौते के बाद उसने फ्रांस के साथ अपना करार रद्द कर दिया.

  19. नमस्कार!

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